हिन्द साम्राज्य पार्टी का दृष्टिकोण

भारत की पुण्य भूमि पर सनातन धर्म आधारित हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हेतु तथा 800 वर्ष की गुलामी की केंचुल फेंकने व सामजिक, आर्थिक, धार्मिक, शैक्षिक व राजनितिक परिवर्तन के लिए हिन्दू वीर एवं वीरांगनाओ ने राष्ट्र की वर्तमान दशा में आमूलचूल परिवर्तन करने व सांस्कृतिक मूल्यों को प्राप्त करने के लिए इस राजनैतिक पार्टी का गठन किया है।  संकल्प है कि पार्टी वर्त्तमानराजनैतिक पार्टियों से भिन्न हो तथा जनता जनार्दन में प्रखर राष्ट्रवाद की भावना उत्पन्न हो, देश की सीमाएं सुरक्षित हो व खोई हुई जमींन प्राप्त की जाये, अंतर्राष्ट्रीय सत्तर पर स्वाभिमान रखते हुए सहअस्तित्व  स्वीकारते हुए अन्य देशो से सम्बन्ध स्थापित किये जाएं।

  1. आज का युवा शिक्षा क्षेत्र में परिवर्तन चाहता है ताकि रोजगारपरक शिक्षा के द्वारा वह अपने जीवन यापन के लिए उचित स्थान पा सकें।  वर्तमान कर प्रणाली में आमूलचूक परिवर्तन की आवशयकता प्रतीत होती है जिसमेप्रत्येक कर दाता का सम्मान रहे, कर का बोझ आम जनता पर न पड़े तथा उस धन का उपयोग उचित रूप से किया जाय।

  2. पार्टी का यह मानना है की हरित क्रांति की आवशयकता है तथा किसानो को कम से कम निशुल्क बिजली, खाद, पानी, चिकित्सा एवं आवासीयमूलभूतसुविधाएं मिलनी ही चाहिए।

  3. पार्टी का यह भी मानना है की  किसी भी क्षेत्र में मजदूरों व कर्मचारियों का शोषण न हो और उन्हें उनका यथोचित पारिश्रमिक तथा सेवा की गॅरंटी व वृद्धा अवस्था पेंशन व सुरक्षा मिले। सभी नागरिकों को सम्मानजनक जीवन जीने के अधिकार सुनिश्चित करने के लिए हम संघर्ष करेंगे।

  4. बहुसंख्याक हिन्दू जनता अपने सांस्कृतिक विरासत की पुनर्स्थापना चाहती है जो मंदिर, धार्मिक स्थल व मठ सन ११९२ के बाद तोड़े गए या नष्ट किये गए है उनका पुनर्स्थापन व सांस्कृतिक मूल्य स्थापित  करना हम सब का लक्ष्य है।

  5. पार्टी का यह भी मानना है की देश की बहुसंख्याक हिन्दू जनता को न्याय नहीं मिला है, अनेक कानून हिन्दुओ के लिए अहितकर है, उन सब को समाप्त कराना हमारी प्राथमिकता व लक्ष्य है।

  6. जब तक हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हेतु नवीन संविधान  नहीं बन जाता तब तक हमें वर्तमान संविधान  के अंतर्गत जनता को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा।  धार्मिक अल्पसंख्यको  को जो असवैंधानिक तरीकों से लाभ दिया जा रहा है उन्हें समाप्त करने के लिए हम अग्रसर होंगे। इसी क्रम में संविधान के अनुछेद ३०, वक़्फ़एक्ट, वक़्फ़कौंसिल, अल्पसंख्यक मंत्रालय, व पूजा स्थल (विशेष)अधिनियम १९९१ को समाप्त कराने के लिए आवश्यक कदम उठाना होगा। अयोध्या श्री राम जन्म भूमि की भांतिही मथुरा, काशी व भोजशाला के मंदिरो को मुक्त कराना हमारी प्राथमिकता होगी।

  7. पार्टी का यह भी मानना है कि धार्मिक अल्पसंख़्यको को संविधान की भावना के अनुरूप आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता इसलिए धार्मिक अल्पसंख़्यको कोपिछड़ी जाति की आरक्षण सूची से बाहर करउस स्थान पर अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगो को आरक्षण का लाभ दिया जाये।

  8. न्यायतंत्र पंगु हो चला है, निर्धन व पहुँचविहीन लोग न्याय से वंचित हो रहे है। हमारा यह भी मानना है कि न्यायाधीशो की नियुक्ति , सरकारी वकीलों कीनियुक्ति तथा न्याययिक प्रक्रिया में परिवर्तन निष्पक्ष रूप से करना होगा ताकि जनता को निष्पक्ष न्याय मिले।
आइये, हमसे जुड़िये, महान रक्तहीन क्रांति के भागीदार बनिए तथा देश कि जनता को सामाजिक, आर्थिक, राजनितिक न्याय दिलाने व न्यायिक प्रक्रिया को जनमानसोमुखी बनाने में हमारा सहयोग करिये ताकि भविष्य में अखंड भारत, सुखीभारत, समृद्ध भारत, सुविचारित भारत, सनमार्गी भारत व धर्म आधारित शासन की स्थापना अर्वाचीन भारत के मापदंडो के अनुरूप हो सके जिसमें गौ, गंगा व गीता का सम्मान हो तथा राष्ट्र कि गौरवमयी परंपरा को अक्षुण्य रखा जा सके।
रंजना अग्निहोत्री
संस्थापक अध्यक्ष
हरी शंकर जैन
राष्ट्रीय अध्यक्ष
जितेन्द्र सिंह “विसेन “
सचिव एवं राष्ट्रीय संयोजक
सुनील कुमार लाल
राष्ट्रीय सहसंयोजक
Ranjana Agnihotri
Founder President
Hari Sankar Jain
National President
Vandana Kumar
General Secretary
Jitendra Singh “Visen”
National coordinator
Sunil Kumar Lal
National Coordinator